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शनिवार, 13 अप्रैल 2019

अप्रैल 13, 2019

बोयसेन्स UFO, दक्षिण अफ्रीका (2010)


जुलाई 2010, इस महीने दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया के बोयसेन्स के निवाशीयोने लगातार दो दिन तक लगातार आसमान में अग्यात रोशनियाँ देखी। दोनों ही दिन यह रोशनियाँ सूर्यास्त के कुछ समय बाद रात 8.30 बजे तक आसमान में स्थिर दिखाई दी। 8.30 के बाद ये रोशनियाँ क्षितिज पर धीरे-धीरे निचे जाते हुए गायब हो गई।
 प्रत्यक्षदर्शी लोगो ने बताया की वो इस अग्यात वस्तु के आकार को समझने में वे लोग असमर्थ रहे। लेकिन उनका अंदाजा था की वोह शायद त्रिकोणी आकार का रहा होगा। 19 साल के 'वॅन डेर स्पाय' ने अपनी दूरबीन से देखने की कोशिश की लेकिन उसे भी इस वस्तुके आकार का पता नहीं चला। लेकिन जिस प्रकार की उन रोशनियों की संरचना थी, लोगोने अंदाजा लगाया की वह त्रिकोणी आकार का होगा। वह रोशनियाँ अलग-अलग रंग की थी. नीला, पीला और सफ़ेद रंग की।
   इस घटना पर जब स्थानिक पुलिस और दक्षिण अफ्रीका की वायु सेना से पूछा गया तो वोह इस बारेमे कोई भी जवाब देने में असमर्थ रहे। उन्हें खुद ही नहीं पता था की उस रात आसमान में आखिर था क्या ?

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

अप्रैल 10, 2019

ऐल्डर्न UFO की घटना (2007)


  कॅप्टन 'रे बाउयर' एक अनुभवी पायलट थे। उन्हें उड़ान का 18 साल का अनुभव था। और पिछले 8 साल से वह रोजाना की 45 मिनट की फ्लाइट उड़ा रहे थे। ये उड़ान उनके रोजाना के काम का हिस्सा थी। लेकिन 23 अप्रैल 2007 की उड़ान रोज की तरह सामान्य नहीं थी। वह उड़ान उनके लिए एक अदभुत अनुभव दे गयी जिसे वोह कभी नहीं भूल पाएंगे।
     23 अप्रैल 2007 को कॅप्टन रे दो यात्रियों के साथ दक्षिण इंग्लैंड के ऐल्डर्न से फ्रांस के 16 KM दूर स्थित चनैल द्वीप समूहों की और जा रहे थे। अचानक उन्होंने आसमान में दो विशाल आकर के सुनहरे रंग के 2 UFO को देखा। वोह उन विशाल आकर के UFO को देखकर डर गए। वोह उनसे दूर ही रहना चाहते थे।  यह अनुभव पायलट और उनके दोनों यात्रियों के लिए डरावना था।  उस दिन और एक पायलट का उन UFO से सामना हुवा था।
  जब रडार के रिपोर्ट जाँचे गए तो उसमे भी यह बात साफ हो गयी वहा सच में कुछ था।  यह पुख्ता सबूत है इस बात का की कॅप्टन रे ने सच में UFO देखा था।

मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

अप्रैल 09, 2019

ओ'हारे अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर UFO के दर्शन (2006)


                                        7 नवम्बर 2006 को शिकागो के ओ'हारे हवाई अड्डे के कर्मचारीयो ने UFO देखने का दावा किया।
                                                               सूत्रो के मुताबिक सबसे पहले उस UFO को एक रैम्प कर्मचारी ने देखा। उसने इस बात से बाकि कर्मचारियों को अवगत कराया। ना सिर्फ कर्मचारियों ने बल्कि हवाई अड्डे के आस-पास कई आम लोगोने भी इस घटना को देखा। वह UFO वहापर लगभग 5 मिनट तक दिखाई दिया। हलाकि इस घटना की कोई तस्बीर नहीं सामने आई। लेकिन जो इस घटना के गवाह थे, वे खुद विमान कर्मचारी थे। इस कारन इस घटना की सत्यता पर शक की कोई गुंजाइश ही नहीं रहती।
                                                              लेकिन हर बार की तरह इस बार भी अमरीकी एजेंसियों ने इस घटना को सिरे से नकार दिया की उस दिन हवाई अड्डे पर जो देखा गया वह एक UFO था। उन्होंने कहा की वह एक मौसम की खराबी का नतीजा था। लेकिन यहाँ पर एक सवाल खड़ा होता है की जो पायलट सालो से विमान उड़ा रहे हो, जिन्हे मौसम की अच्छी खासी जानकारी हो, क्या उन लोगोकी आँखे सच में धोका खा सकती है ? या फिर उन्हें जान बूझकर झूठा साबित किया जा रहा है ? मुझे नहीं लगता की विमान कर्मचारियों को कोई धोका हुवा होगा। 

रविवार, 17 मार्च 2019

मार्च 17, 2019

फीनिक्स लाइट्स (1997)


    13 मार्च 1997 को अमेरिका के एरिझोना, नेवडा और मेक्सिकन राज्य सनोरा में कई लोगोने आसमान में एक त्रिकोणी UFO देखा।
                               रिपोर्ट के मुताबिक एक त्रिकोणाकार UFO जिसपर 5 लाइटे थी, बिना कोई आवाज किये, बेहद कम उचाई पर शहर के ऊपर मँडरा रही थी। उस दिन कुल दो वाकिये हुए थे। एक वोह रोशनी जो अमेरिका के बाकि जगहों पर आसमान में शहरो पर से गुजर रही थी और एक फीनिक्स शहर जहा ये रोशनी एक दम स्थिर नजर आ रही थी। इस घटनाओ की कई लोगोने तस्बीरे ली। कई लोगोने वीडियोस भी बनाये। जिन्हे डिस्कवरी चैनल और द हिस्ट्री चैनल जैसे बड़े चैनलों पर भी दिखाया गया।
                                        लेकिन सेना ने इस बात से इंकार कर दिया की उस रात आसमान में कोई UFO था। लेकिन जब NOAA डेटा सामने आया तो उसमे सेना की पोल खुल गई। रेडार पर साफ-साफ एक अग्यात यान नजर आ रहा था। अमेरिका के इतिहास में रोजवेल के बाद फीनिक्स लाइट्स सबसे मशहूर घटना है।
                                       
वोह रोशनी 2007 और 2008 में दुबारा देखे जाने की बाते सामने आई थी। इस  भी सेना ने इस बात को ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा वह हीलियम बलून की फ्लेम थी।   

शनिवार, 16 मार्च 2019

मार्च 16, 2019

द बेल्जियम वेव (1989-1990)


    नवम्बर 1989 के अंत में बेल्जियम में कई लोगो ने आसमान में एक त्रिकोणी आकर की अग्यात यान को देखे जाने की रिपोर्ट दी। लेकिन किसीने भी कोई फोटो या कोई सबुत सामने नहीं लाया था। लोगोके मुताबिक वह चीज सपाट त्रिकोणी आकर की थी।  जिसमे कोणों पर कम रोशनी वाली लाईटे थी।
   बेल्जियम UFO लहर 30-31 मार्च 1990 की रात की घटनाओ के साथ चरम पर थी। उस रात रडार पर एक अग्यात वस्तु को देखा गया। सेना ने अपने दो   F-16 विमानों को तुरंत ही जाँच करने भेजा। लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा। क्युँ की उन्हें कुछ दिखाई ही नहीं दिया। रडार पर जो अग्यात चीजे दिखाई दी थी, दरसल वोह वहा थी ही नहीं। क्युँ की पायलटो को वहा पोहचने पर कुछ नहीं नजर आया। या शायद पायलट उसे देख ही नहीं पा रहे थे ! कही उन्होंने खुदको अद्रुश्य तो नहीं कर लिया था ? चाहे जो हो लेकिन इस घटना से सेना ही परेशान थी। उस रात और कही भी UFO देखे जाने की रिपोर्ट नहीं मिली। लेकिन अगले दो हफ्तों में 143 लोगोने उस अग्यात यान को देखे जाने का दावा किया।
 बेल्जियम वेव के तहत पुरे देश में हजारो लोगो ने आसमान में अग्यात यानो को देखने का दावा किया। इस बारेमे ना तो सरकार और ना ही सेना ने कोई स्पष्टीकरण दिया। क्युँ की वोह खुद ही इन घटनाओ को समजने में असमर्थ रहे थे।

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

मार्च 15, 2019

रॅडलेशम जंगल में UFO (1980)


                                                                          26 दिसम्बर 1980 को इंग्लैंड के सफोल्क काउन्टी के इप्सविच शहर के पूर्व में 13 KM दुरी पर स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फ़ोर्स के RAF Woodbridge इस केन्द के पूर्वी द्वार पर सुरक्षा रक्षकोने सुबह लगभग 3 बजे सामने जंगल में एक चमकदार चीज को आसमान से नीचे उतरते देखा। पहले उन्हें लगा की शायद कोई विमान होगा जो क्षतिग्रस्त हो गया हो। लेकिन जब वोह जंगल में पहुंचे तो उस यान को देखकर हैरान थे, जिसे वोह क्षतिग्रस्त विमान समझ रहे थे, वह एक ऐसा यान था जिसे उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। वह चमकीली धातु का बना हुवा था। उसपर अग्यात आकृतियाँ बानी हुयी थी। साथ में उसपर कई सारी लाइटे भी थी। उनकी रोशनी बोहोत तेज थी। जब रक्षक उसके पास जाने लगे तो वह यान तेजीसे ऊपर उठा और चला गया।
                                      सुबह जब अधिकारी घटना की जाँच करने पहुंचे तो उन्हें वहा त्रिकोणी निशान मिले। साथ ही वहा रेडिशन का स्तर भी ज्यादा था। यह घटना ब्रिटेन के इतिहास में रोजवेल की तराह मशहूर है। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी खुद सेना के जवान होने के कारन इस घटना की सत्यता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। 

गुरुवार, 14 मार्च 2019

मार्च 14, 2019

मॅनिस UFO की घटना (1979)


            11 नवम्बर 1979 को दुनिया के इतिहास में पहली बार किसी व्यावसायिक विमान को UFO के कारण आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस दिन TAE Supercaravelle नामक विमान अपने फ्लाइट JK-297 को साल्जबर्ग (ऑस्ट्रिया) से लॉस पाल्मस की ओर ले जा रहा था। जिसके पायलट थे फ्रांसिस्को जेवियर लेर्डो डी तेजदा। करीब रात 11 बजे उन्हें अपने विमान के पास ही लाल रोशनी के गोलों का समूह नजर आया। पहले उन्हें लगा की वह शायद कोई विमान होगा। इस लिए उन्होंने उससे रेडिओ संपर्क बनाने की कोशीश की। लेकिन कोई फायदा नहीं हुवा। वोह लाल रोशनियाँ विमान के कुछ ज्यादाहि करीब आ रही थी। उन्होंने इस बारेमे जानकारी पाने के लिए बार्सिलोना के उड़ान नियंत्रण केंद्र और टोरेजोन डी अर्दोज (मैंड्रिड) के सैन्य रडार से संपर्क किया। लेकिन दोनों भी इस बारेमे कोई जानकारी नहीं दे पाए। वोह लाल रोशनियाँ विमान के ज्यादाही करीब आने के कारन पायलट विमान की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। उन्होंने विमान को थोड़ा नीचे लाया। लेकिन वह चीज अभी भी उनका पीछा कर रही थी। आखिर पायलट ने अपने सहाय्यको के साथ बात करके आपातकालीन लैंडिंग करने का निर्णय लिया। विमान को मॅनिस के हवाई अड्डे पर उतारा गया।
                इसके बाद भी रडार पर 3 UFO दिखाई दिए। उनमे से एक तो हवाई अड्डे के रनवे के बेहद करीब से गुजरा। सेना को इसकी जानकारी मिलते ही नजदीक के एयरबेस लॉस लैलनोस (एल्बासेट) से Miraj F-1 ने UFO की जानकारी पाने के लिए उड़ान भरी। उसके पायलट थे कप्तान फर्नांडो कोमरा। पायलट अपनी अधिकतम गति से उसका पीछा कर रहे थे। लेकिन डेढ़ घंटे तक पीछा करने के बाद इंधन की कमी के कारण पायलट को लौटना पड़ा। और वह रोशनी भी गायब हो गयी थी। 

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