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मंगलवार, 21 मई 2019

मई 21, 2019

एलियंस हमारे दोस्त है या दुश्मन ?

                                                                         एलियंस के जानकारों में इस बात को लेकर विवाद है की एलियंस हमारे दोस्त है या दुश्मन ? कुछ लोग यह मानते है की एलियंस ही हमारे विकास के रचयिता है। उन्होंने ही मानव को आगे बढ़ाया है और हमारे इतिहास में वोह हमारे साथ रह चुके है। ये वोह वर्ग है जो एलियंस के सकारात्मक रूप को सामने रखते हुए उनका समर्थन करता है। लेकिन एक दूसरा वर्ग भी है जो इनके विचारोसे सहमत नहीं है। कई लोगो का ये मानना है की एलियंस का वजूद हमारे लिए खतरा है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ.स्टीफन हॉप्किंग ने भी इस बात पर जोर दिया था की एलियंस हम पर हावी हो सकते है। जो लोग एलियंस का धरतीपर आना एक खतरा मानते है, वोह लोग वैज्ञानिको द्वारा एलियंस की खोज को लेकर जो अभियान चलाये जा रहे है उनपर भी एतराज जताते है।  ये कुछ इस तरह है की किसी अनजान जंगल में खड़े होकर चिल्लाना। हो सकता है आपकी आवाज कोई इंसान सुने और ये भी हो सकता है की आपकी आवाज कोई जंगली शेर सुन ले। क्युँ की आपको नहीं पता की उस जंगल में कौन है और कहा है ? इसी तरह हमारी आवाज ब्रम्हांड चिल्लाने ने का काम कर रही है। इसे सुनाने वाले एलियंस दोस्ती करने भी आ सकते है और हमारे ग्रह पर कब्ज़ा करने भी। चलिए मै आपको इन दोनों मुद्दोंको विस्तार में समझाता हु।
                                                                    बीसवीं सदी में 'एरिख वॉन डेनिकेन' नामक व्यक्ति ने दुनिया भर में घूमकर इस बात के सबूत खोज निकाले की किस तरह हमारे अतीत में एलियंस आए थे। किस तरह उन्होंने हमारे विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और हम आज जो भी तकनीकी विकास के पायदान पर खड़े है उसका श्रेय उन एलियंस को ही जाता है। एरिख वॉन डेनिकेन इसपर "चैरियट्स ऑफ़ गॉड" नामक किताब लिखी, जो पूरी दुनिया में मशहूर हुई। इसके बाद तो जैसे धूम ही मच गई। और भी कई लेखकोंने इस विषय को आगे बढ़ाया। समाज में एक वर्ग तैयार हुवा जो इस विचारधारा का समर्थक बना। आज भी इस विचारधारा को मानाने वालो की तादाद बढाती ही जा रही है। क्युँ की कई नए सबूत और घटनाएं सामने आई जिन्होंने इस दृष्टिकोण की बुनियाद को मजबुती दी। लेकिन आज इस विचारधारा में कुछ गड़बड़ियाँ निर्माण हुई है। इस विचारधारा के समर्थक हर प्राचीन निर्माण, संशोधन और किसी बड़े कार्य को सीधा एलियंस से जोड़ रहे है। ये दावा कर रहे है की इजिप्त के पिरॅमिड जैसी दुनिया की सभी प्राचीन संरचनाओं का निर्माण एलियंस ने ही किया था। ये कहकर ये सीधे-सीधे इंसानो के सामर्थ का अपमान कर रहे है और दुनिया भर के पुरातत्वशास्त्रियोके निशाने पर आ गए है। इस विचारधारा के समर्थकों को हर प्राचीन चित्र, कथा और शिल्प में एलियंस दिखाई देते है। इस कारन अब लोग इनका मज़ाक उड़ा रहे है। ये हास्य के पात्र बनते दिखाई दे रहे है। इस कारण अब इस विचारधारा के समर्थकों को  समजना होगा की जब तक उनके पास उनके उनके दावे से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण न हो तब तक उसपर अपनी राय लादना योग्य नहीं।     
                                                             पिछले सत्तर सालो में दुनिया भर में UFO दिखाई देने की अनगिनत घटनाएं सामने आई है। कई सबूत भी मिले है। जैसे कुछ तस्वीरें, कुछ विडिओस, तो कभी कुछ विचित्र निशान। आज भी ये घटनाएं जारी है। लेकिन इन अग्यात महमानो का आना हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मानना है कुछ लोगो का। ये वोह लोग है जो एलियंस को खरता मानते है। क्युँ की हम उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते। वोह कौन है ? कहाँसे आए है ? उनका यहाँ आने का मकसद क्या है ? ऐसे कई सवाल है जिनके हमे अभी भी जवाब नहीं पता। ऐसे में बिना कुछ जाने ये दावा करना की वोह हमारे दोस्त है, क्या ये सही होगा ?आज तक दुनिया भर में कई जगओ पर UFO देखे गए। लेकिन किसी भी UFO ने इंसानो के साथ सम्पर्क करके कोई औपचारिक मुलाकात नहीं की, की जिसमे उन्होंने अपना परिचय दिया हो या हमारा परिचय जाना हो। जिन्हे दोस्ती करनी होती है वोह सामने आकर हाथ बढ़ाते है, जान-पहचान बढ़ाते है। इस तरह चोरी-छुपे घुसबैठ नहीं करते। और एक बात पिछले कई सालो में एलियंस द्वार अगवाह किये जाने की हजारो वारदाते सामने आई है। जिनमे लोगो को अगवाह करके उनपर प्रयोग किये गए। क्या ये दोस्ती की निशानी है ? इन घटनाओ पर अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसियां CIA और FBI नजर बनाए हुए है। ये बात साफ है मामला गंभीर है। जीन  लोगोने एलियंस द्वारा अगवाह किए जाने के दावे किये, जब उन्हें सम्मोहित करके उनकी अपहरण की याद्दाश को फिर से उजागर किया गया। तब उन लोगोने जो बया किया वोह रौंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव था। उन लोगोको भयानक यातनाओ से गुजरना पड़ा था। कई घटनाओ में तो पीड़ित को बार-बार अगवाह किया गया था। उन लोगो की मानसिक अवस्ता तो भयावह हो चुकी है। कुछ घटनाओ में तो अगवाह किये गए लोग दुबारा कभी लौट कर नहीं आए। क्या अभी भी हम यही कहेंगे की एलियंस हमारे दोस्त है ?
                                                            शायद आप इस कश्मकश में पड़ गए होंगे की एलियंस  दोस्त समझे या दुश्मन ? मगर इस सवाल दोनों भी जवाब सही हो सकते है। आप कहेंगे की ये कैसे मुमकिन है ? चलिए मै आपकी उलझन सुलझाता हु। देखिए हमे ये तो पता है की सभी एलियंस किसी दूसरे ग्रह से आते है। लेकिन ये जरुरी तो नहीं की आने। वाले सभी एक ही ग्रह से आते हो।  मतलब जो लोग अच्छे एलियंस  में बाते करते है, वोह सच में अच्छे हो और जो बुरे एलियंस के बारे में बोलते है वोह सच में बुरे हो। क्युँ की दोनों अलग-अलग ग्रह के निवासी है। पृथ्वीपर दिखाई देने वाले सारे UFO का आकार और संरचना एक जैसी बिलकुल नहीं होती। यानी एक बात तो साफ है की वोह सब एक ही ग्रह के निवसी नहीं है। ये कुछ इस तरह है जैसे इजिप्त के पिरॅमिड देखने दुनिया के अलग-अलग देशो से लोग आते है। उसी तरह जब ये खबर एलियंस में फैली होंगी की हमारी पृथ्वीपर जीवन है तो वोह हमारे बारे में जानने की लालसा में धरतीपर एते होंगे। लेकिन जब तक हम उनसे सम्पर्क स्थापित नहीं कर लेते तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता। और हम लाख चाहे, लेकिन जब तक वोह खुद हमसे मिलना नहीं चाहेंगे तब तक हम उनके बारे में कुछ भी नहीं जान सकते। 

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